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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ की कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग इस बात का संकेत है कि आपका बेबी गरà¥à¤ में बिलà¥à¤•à¥à¤² सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बेबी मूवमेंट कब और किस महीने से होती है यह जानने की उतà¥à¤¸à¥à¤•तासà¤à¥€ माओं को होती है
First Baby Kick In Pregnancy: मां बनना जीवन का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है। यह à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤–द à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है जिसका इंतजार हर महिला को होता है। हालांकि ये काफी नाजà¥à¤• समय à¤à¥€ होता है जिसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को खà¥à¤¦ के साथ गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी सेहत का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता है। गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠपूरी तरह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है इस बात का अंदाजा बचà¥à¤šà¥‡ के लात मारने से à¤à¥€ लगाया जाता है। इसे किक मारना या कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग कहा जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को इस पल का बेसबà¥à¤°à¥€ से इंतजार रहता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ सबसे पहली बार इसके जरिठगरà¥à¤ में पल से शिशॠकी हलचल को महसूस करती है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानती हैं आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होती है कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग। कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग कब और किस माह से शà¥à¤°à¥‚ होती है।
कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ शबà¥à¤¦ है जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² गरà¥à¤ में किसी चीज से सà¥à¤ªà¤‚दन का अनà¥à¤à¤µ करने से होता है। आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे बचà¥à¤šà¥‡ का पेट में लात मारना या किक करना कहते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को इसका à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ पहली बार पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 20-22 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में होती है। वहीं जब कोई महिला दूसरी या तीसरी बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग का अनà¥à¤à¤µ लगà¤à¤— 16-18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ही होने लगती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सातवें या आठवें महीने में यह हचलच बहà¥à¤¤ तेज हो जाती है। लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 36-37 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के बढ़ते वजन, कम तरल पदारà¥à¤¥ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर कम जगह उपलबà¥à¤§ होने पर यह हलचल कम à¤à¥€ हो जाती है।
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के मूवमेंट का कारण
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग या बचà¥à¤šà¥‡ की मूवमेंट का कारण अलग-अलग हो सकता है। कहा जाता है कि गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ जोड़ों को सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करने, हिचकी लेने, पलक à¤à¤ªà¤•ाने, डकार लेने और किक मारने के लिठमूवमेंट करते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में रात के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है कà¥à¤µà¤¿à¤•निंग
कई पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं का कहना है कि बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤ में रात के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मूवमेंट करते हैं। हालांकि यह चिंता की बात नहीं है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ रात के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किक मारते हैं तो कà¥à¤› दिन में। शिशॠकी हलचल या मूवमेंट कà¤à¥€ à¤à¥€ हानिकारक या चिंता का विषय नहीं होती। रात या दिन दोनों की मूवमेंट बिलà¥à¤•à¥à¤² नॉरà¥à¤®à¤² है।
मूवमेंट पर रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
सातवें माह की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी मूवमेंट पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की सलाह देते हैं। वैसे तो गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक सोठरहते हैं लेकिन फिर à¤à¥€ हर आधे घंटे में उनकी मूवमेंट होनी जरूरी होती है जोकि मां को महसूस होती है। जैसे-जैसे डिलीवरी की समय नजदीक आती है बचà¥à¤šà¥‡ की मूवमेंट à¤à¥€ बदलाव होता है।
दिखे ये असामानà¥à¤¯ गतिविधियां तो तà¥à¤°à¤‚त करें डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤•
डॉकà¥à¤Ÿà¤° समय-समय पर बचà¥à¤šà¥‡ की जांच के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। लेकिन अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सबसे अचà¥à¤›à¥€ तरह अगर कोई जानता है, तो वह आप हैं। आपको जब à¤à¥€ गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको लेकर कोई असहजता मसहूस तो तà¥à¤‚रत डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद लें। इसके लिठबिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ न करें। इसके साथ ही अगर ये गतिविधियां या संकेत दिखे तो à¤à¥€ तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
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